कुसुमघटा सरस्वती शिशु मंदिर में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पर सामूहिक गायन का ऐतिहासिक आयोजन

आशु चंद्रवंशी,बोड़ला। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के तत्वाधान में वन्दे मातरम् के 150 वीं वर्षगांठ के स्वर्णिम अवसर पर 25 सितम्बर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय कुसुमघटा में नमामि भारतम् – वन्दे मातरम् सामूहिक गायन का भव्य आयोजन किया गया।
गिनीज बुक रिकॉर्ड के लिए हुआ आयोजन
कार्यक्रम भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी, विक्रम संवत 2083 को प्रातः 11:00 बजे आयोजित हुआ। यह आयोजन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए किया गया ऐतिहासिक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना था।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
इन अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाला विकास समिति अध्यक्ष शिवनाथ वर्मा, अध्यक्षता जनपद सदस्य मधु प्रीतम वर्मा और मुख्य वक्ता के रूप में जिला धर्म जागरण प्रमुख राजकुमार यादव उपस्थित रहे।सत्यापनकर्ता पर्यवेक्षक के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसुमघटा के नोडल प्राचार्य संजय कैवर्त, संयोजक के रूप में व्यवस्थापक ओमप्रकाश देवांगन, विद्यालय के अध्यक्ष श्री प्रहलाद वर्मा, जिला ग्राम भारती जिला उपाध्यक्ष श्री अर्जुन वर्मा और सह संयोजक के रूप में प्राचार्य नरेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे।
वन्दे मातरम् राष्ट्र चेतना का मंत्र
मुख्य वक्ता राजकुमार यादव ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल गीत नहीं, राष्ट्र की चेतना का मंत्र है। 150 वर्ष बाद भी यह गीत युवाओं में देशभक्ति का ज्वार भर देता है।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य, भैया-बहन उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा आभार व्यक्त किया गया।



