शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय बोड़ला के समाजशास्त्र विभाग द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला भंडार में शैक्षणिक गतिविधि एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन

आशु चंद्रवंशी,बोड़ला। शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय बोड़ला के समाजशास्त्र विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना को ध्यान में रखते हुए ग्राम भंडार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला भंडार में शैक्षणिक गतिविधि एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य श्री उमेश कुमार पाठक के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग के एम.ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना, उनमें नियमित अध्ययन की आदत विकसित करना तथा स्वच्छता के प्रति सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विद्यालय के बच्चों से संवाद स्थापित किया तथा उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ने, लिखने तथा पढ़ाई में बताई गई बातों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों ने बच्चों को बताया कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण और बेहतर भविष्य की आधारशिला है। नियमित अध्ययन से बच्चों में ज्ञान, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं समझने की क्षमता का विकास होता है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्वच्छता जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। इसके अंतर्गत बच्चों को ‘स्वच्छ एवं सादा जीवन’ के विचारों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए शरीर, कपड़े, घर, विद्यालय तथा आसपास के परिवेश की स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है।
विशेष रूप से बच्चों को भोजन करने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत विकसित करने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि हाथों की उचित सफाई से कई प्रकार के संक्रमण एवं बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
बच्चों को स्वच्छता की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ ही भोजन करने से पहले हाथ धोने के महत्व को समझाया गया तथा प्रोत्साहन स्वरूप साबुन का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बच्चों को स्वच्छता को केवल एक दिन की गतिविधि न मानकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। साथ ही उन्हें अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से महाविद्यालय के विद्यार्थियों को ग्रामीण समाज की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने तथा सामाजिक जागरूकता के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त होता है।
समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित यह गतिविधि शिक्षा, स्वच्छता एवं सामाजिक चेतना के प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक पहल रही। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज में जागरूकता एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस आयोजन में समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष श्री राकेश कुमार गौतम, अतिथि व्याख्याता श्री पुखराज भारद्वाज तथा समाजशास्त्र विभाग के स्नातकोत्तर एम.ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि, स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।



