स्वर्गीय भोला (पुरुषोत्तम) चंद्रवंशी की पुण्यतिथि पर कुसुमघटा में रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन : निस्वार्थ रक्तदान की सेवा को दी गई श्रद्धांजलि, रक्तदान करने वाले 45 रक्तदाताओं को हेलमेट और मोमेंटो देकर किया गया सम्मान

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा। समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पण की मिसाल रहे कुसुमघटा निवासी स्वर्गीय भोला (पुरुषोत्तम) चंद्रवंशी की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। स्वर्गीय भोला चंद्रवंशी ने अपने जीवनकाल में 16 बार रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद की और रक्तदान के माध्यम से मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया था।
पुण्य स्मृति को सेवा में बदला
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुसुमघटा निवासी स्वर्गीय भोला पुरुषोत्तम चंद्रवंशी की पुण्य स्मृति में इस शिविर का आयोजन किया गया था। आयोजकों ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने और समाज में सेवा की भावना को मजबूत करने का संकल्प है।
हेलमेट और मोमेंटो देकर किया सम्मान
शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को सुरक्षा का संदेश देते हुए हेलमेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं ने रक्तदान कर स्वर्गीय भोला भाई को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज को मानवता एवं सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया।
युवाओं की रही अहम भूमिका
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में पीतांबर चंद्रवंशी, प्रवीण वर्मा, संजीत चंद्रवंशी, अश्वनी, काशी, रंजीत, शैलेन्द्र कुमार, नितेश वर्मा, सूरज चंद्रवंशी, रिखी चंद्रवंशी सहित समस्त युवा साथियों की अहम भूमिका रही।आयोजकों ने बताया कि स्वर्गीय भोला चंद्रवंशी का जीवन केवल उनके परिवार और परिचितों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान को मानव सेवा का माध्यम बनाया। आज उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह रक्तदान शिविर उनके उसी सेवाभाव को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
नितेश वर्मा का विशेष योगदान
इस सेवा अभियान की सफलता में नितेश वर्मा का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने आयोजन की तैयारियों से लेकर रक्तदाताओं को जोड़ने, लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने और शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रियता से सहयोग किया। उनके निरंतर प्रयास और समर्पण ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रक्तदान से बड़ा कोई जीवनदान नहीं
रक्तदाताओं ने संदेश दिया कि रक्तदान से बड़ा कोई जीवनदान नहीं है। एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्त किसी जरूरतमंद परिवार के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है। आयोजकों ने कहा कि स्व. भोला भाई शरीर से दूर हैं, लेकिन सेवा की भावना में आज भी हमारे बीच जीवित हैं।
इन रक्तदाताओं ने शिविर में किया रक्तदान
शिविर में दीपक, भारत, प्रदीप, मिथुन, गजेंद्र, सूरज, धर्मेंद्र, भागवत, उमेश, दुष्यंत, जितेंद्र, संपूर्ण, राकेश, आकाश, मोहन, राजेंद्र, चादरम, देवशरण, जगदेव, रुपेश, रत्नेश, दिलेश, ओंकार, सुनील, उत्तम, राहुल, दुर्गा प्रसाद, निखिल वर्मा, प्रेमलाल, अख्तर खान, आदित्य, मनीष, उमाशंकर, राधेश्याम, मनहरण, लाल जी, लालेश्वर, निलेश, रविंद्र, जगनंदन, शैलेंद्र, पीतांबर, मनोज सहित सभी युवा साथी शामिल रहे।



