4 महीने से मजदूरी नहीं, दिवाली पर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे 100 से अधिक मजदूर, वन विकास निगम की लापरवाही उजागर

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा। पंडरिया विकासखंड के 11 गांवों झिरिया कला, मुनमुना, सागौना, रहमानकापा, कामठी, लोखान, सिंगपुर, केसली, बुचिपारा, लिंमहाईपुर, ऊतका के 100 से अधिक पीड़ित मजदूर आज सुबह से जिला कलेक्ट्रेट के बाहर कलेक्टर मैडम से मिलने के लिए बैठे हुए हैं। हाथ में आवेदन की कॉपी लिए ये मजदूर 4 महीने से बकाया भुगतान के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक कलेक्टर मैडम से मुलाकात नहीं हो पाई है।
इन मजदूरों ने वन विकास निगम के अंतर्गत बीट क्रमांक 498, 499, 501, 507, 508, 502 में जून से सितंबर माह तक पौधा रोपण, गोल बिंडिंग, पट्टी बिंडिंग का कार्य पूरी निष्ठा से किया है। विभाग ने कार्य का सत्यापन भी कर दिया है, बावजूद इसके आज दिनांक तक एक भी मजदूर को भुगतान नहीं किया गया है। सामने दीपावली जैसा बड़ा त्यौहार है, लेकिन जेब खाली है।
मजदूरों ने बताया कि रेंजर से लेकर वन विकास निगम के अधिकारियों तक बार-बार गुहार लगाने के बाद भी केवल आश्वासन मिल रहा है। संयुक्त रूप से लाखों रूपये की बकाया राशि रुके होने से सभी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। त्यौहार के समय में बच्चों के लिए कपड़े और घर के लिए राशन तक खरीदने के पैसे नहीं हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन की योजना में कार्य पूर्ण हो चुका है और सत्यापन भी हो गया है तो भुगतान निगम स्तर पर क्यों लंबित रखा गया है? गरीब मजदूरों का पैसा रोककर वन विकास निगम और संबंधित रेंजर क्या करना चाहते हैं? 100 से अधिक मजदूरों का कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैठना, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
मजदूरों ने कलेक्टर महोदया से सामूहिक प्रार्थना की है कि उनकी स्थिति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए कि 1 से 2 दिन के भीतर सभी आवेदकों की बकाया राशि उनके व्यक्तिगत खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।


