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साहित्यिक उपलब्धि : कवर्धा के साहित्यकार डी.पी. लहरे ‘मौज’ छन्द रतन सम्मान से विभूषित

आशु चंद्रवंशी, कवर्धा। राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल में आयोजित एक गरिमामय साहित्यिक समारोह में कवर्धा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार डी.पी. लहरे ‘मौज’ को ‘छन्द रतन सम्मान 2026’ से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें उनकी द्वितीय कृति ‘सतनाम संदेशा’ के लिए प्रदान किया गया।

छन्द के छ  स्थापना दिवस पर हुआ आयोजन

यह सम्मान समारोह ‘छन्द के छ’ संस्था के स्थापना दिवस के सुअवसर पर आयोजित किया गया था। लहरे की पहली कृति ‘छन्द गीत बहार’ की सफलता के बाद, उनकी नई पुस्तक ‘सतनाम संदेशा’ ने साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिसके लिए संस्था ने उन्हें इस गौरवशाली सम्मान हेतु चुना।

वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मूर्धन्य साहित्यकारों एवं प्रबुद्धजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मान प्रदान करने वाले मुख्य अतिथियों में शामिल थे जिसमें प्रभात मिश्रा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग,अशोक तिवारी प्रोफेसर, सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर, सुधीर शर्मा वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर, डॉ. सरला शर्मा वरिष्ठ साहित्यकार दुर्ग, सपना निगम वरिष्ठ साहित्यकार दुर्ग,गुरूदेव अरुण कुमार निगम संस्थापक ‘छन्द के छ’

परिजनों एवं मित्रों ने जताई खुशी

डी.पी. लहरे ‘मौज’ को मिले इस सम्मान से कवर्धा सहित प्रदेश के साहित्यिक हलकों में हर्ष की लहर है। इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, इष्ट मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की है। साहित्यकारों का मानना है कि ‘सतनाम संदेशा’ समाज को सकारात्मक दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।

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