स्नेचिंग गैंग के सुपर-6 शातिर लुटेरे सलाखों के पीछे, मगर क्या बेनकाब हो पाएगा गहने खपाने वाला असली सिंडिकेट ? 5 झपटमारी के मामलों में मिले महज 6 ग्राम गहने

आशु चंद्रवंशी,बड़ेगौटिया/ कवर्धा। कबीरधाम जिले में अकेली और वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने-चांदी के आभूषण झपटने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज 5 झपटमारी की वारदातों का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से तीन मोटरसाइकिल, करीब 6 ग्राम सोना और नकदी सहित 3 लाख 41 हजार रुपए का मशरूका बरामद किया गया है।
इस कार्रवाई में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि स्नेचिंग के बाद आभूषणों को स्थानीय स्तर पर बेचकर बाजार में खपाया जाता था। पुलिस जांच में चोरी के सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़ी कड़ी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हालांकि, अभी किसी ज्वेलरी कारोबारी को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
पहले रेकी, फिर बाइक से पहुंचकर झपटमारी
पुलिस के मुताबिक पिछले करीब दो महीने से जिले में वृद्ध महिलाओं से गहने झपटने की घटनाएं सामने आ रही थीं। आरोपी मोटरसाइकिल से अलग-अलग गांवों में जाते थे और पहले अकेली महिलाओं की रेकी करते थे।
महिला के गले में सोने या चांदी के आभूषण दिखाई देने पर मौका देखकर अचानक झपट्टा मारते और बाइक से फरार हो जाते थे। वारदात के दौरान आरोपी अपना चेहरा ढंककर रखते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
5 मामलों की जांच से गिरोह तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, थाना पिपरिया में अपराध क्रमांक 144/2026 और 215/2026, थाना पांडातराई में अपराध क्रमांक 74/2026 तथा चौकी पौड़ी में अपराध क्रमांक 178/2025 और 97/2026 दर्ज थे।
इन मामलों की विवेचना के दौरान साइबर थाना और संबंधित थानों की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। इसके बाद तीन मुख्य आरोपियों की पहचान हुई।
पुलिस ने नैनदास बंजारे, मनोज जांगड़े और राधेलाल चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
स्नेचरों से आगे बढ़ी जांच, गहने खरीदने वालों तक पहुंची
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि झपटमारी से मिले सोने के आभूषणों को आगे बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि कुछ गहने नीतीश बंशे, खेलन डहरिया और बबला डहरिया को बेचे गए।
इसके बाद पुलिस ने इन तीनों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक झपटमारी के माल को खरीदने और उसे आगे खपाने की भूमिका की जांच की जा रही है।
यहीं से मामले की जांच अब स्थानीय सोना बाजार तक पहुंच गई है।
क्या चोरी का सोना स्थानीय बाजार में खप रहा था?
पुलिस के अनुसार, स्नेचरों से बरामद जानकारी के आधार पर यह जांच की जा रही है कि झपटमारी से हासिल किए गए सोने के आभूषण स्थानीय बाजार में किन माध्यमों से बेचे गए।
जांच में कुछ ज्वेलरी कारोबारियों के लेन-देन और भूमिका को भी पुलिस द्वारा जांच के दायरे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध स्रोत से आए आभूषणों की खरीद किसके द्वारा की गई, उनकी पहचान और स्रोत का सत्यापन हुआ था या नहीं और यदि कोई आभूषण स्नेचिंग की वारदात से जुड़ा था तो उसे आगे कैसे खपाया गया।
हालांकि, किसी भी ज्वेलरी व्यापारी को अभी दोषी या आरोपी बताना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद ही किसी की भूमिका स्पष्ट होगी।
पुलिस: जांच जारी, आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस के अनुसार मामले में जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर स्नेचिंग की अन्य वारदातों और चोरी के आभूषणों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने पर और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
3 बाइक और 6 ग्राम सोना बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कथन के आधार पर—3 मोटरसाइकिल — अनुमानित कीमत ₹2.50 लाख, करीब 6 ग्राम सोना —अनुमानित कीमत ₹90 हजार, नकद — ₹1 हजार बरामद किया है। कुल जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत ₹3 लाख 41 हजार बताई गई है।
6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में—
नैनदास बंजारे, पिता चतुर दास बंजारे, उम्र 23 वर्ष
मनोज जांगड़े, पिता मकसूदन जांगड़े, उम्र 22 वर्ष
राधेलाल चतुर्वेदी, पिता सुंदर चतुर्वेदी, उम्र 23 वर्ष
बबला डहरिया, पिता ओमप्रकाश डहरिया, उम्र 28 वर्ष
खेलन डहरिया, पिता धनौवा डहरिया, उम्र 25 वर्ष
नीतीश बंशे, पिता राजकुमार बंशे, उम्र 25 वर्ष
सभी के बैहरसरी, चौकी पोड़ी, थाना बोड़ला क्षेत्र के निवासी होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अब जांच का अगला सिरा सोना बाजार की ओर
पुलिस की इस कार्रवाई से स्नेचिंग की पांच घटनाओं का खुलासा हुआ है, लेकिन जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू अब भी बाकी है—झपटे गए आभूषणों का पूरा नेटवर्क।
अगर स्नेचरों द्वारा बताए गए तरीके से चोरी के आभूषण स्थानीय बाजार में बेचे गए हैं, तो पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि किसने गहने खरीदे, किसने आगे खपाए और क्या खरीददारों को उनके संदिग्ध स्रोत की जानकारी थी?
फिलहाल पुलिस ने ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका को लेकर जांच जारी होने की बात कही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला और एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में साइबर थाना एवं थाना पिपरिया सहित संबंधित पुलिस टीम की भूमिका रही।
पुलिस के सामने अब बड़ा सवाल
स्नेचर पकड़े गए, सोना बरामद हुआ… लेकिन झपटे गए बाकी गहने आखिर कहां गए?
क्या चोरी के गहनों को स्थानीय बाजार में खपाने के लिए कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था?
क्या गहनों की खरीद के समय उनके स्रोत की जांच की गई थी?
और क्या इस नेटवर्क में स्नेचरों के अलावा और लोग भी शामिल हैं?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आएंगे। पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।



