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बैगा बाल महोत्सव में बैगाओं ने संस्कृति बचाने का लिया संकल्प

आशु चंद्रवंशी पत्रकार/कवर्धा। आस्था समिति बैगा समाज द्वारा तीन दिवसीय बैगा महोत्सव का आयोजन –  सुदूर वनांचल, ग्राम फिफलीपानी, आगरपानी ग्राम पंचायत में किया गया। कार्यक्रम के बारे में आस्था समिति के अध्यक्ष दौलत राम कश्यप ने बताया कि महोत्सव विगत 10 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। बैगा संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, वाद्य यंत्र, नृत्य एवं पारंपरिक कलाओं को साथ ही वनों में पाये जाने वाले जड़ी बुटी को नई पीढ़ी तक पहुँचाना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दीपा पप्पू धुर्वे की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही हेल्पेज इंडिया छत्तीसगढ़ के संचालक शुभांकर, एम जाफर पूर्व लोकपाल, शासकीय पी.जी. महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक नरेंद्र कुलमित्र, डॉ. कविता कन्नौज, कृषक सहयोग संस्थान छत्तीसगढ़ के समन्वयक ललीत सिन्हा, नमिता पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर नंदकुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में स्कूल स्टाफ एम.आई  संस्थान कवर्धा के संचालक महेन्द्र एवं लाला पटेल विशेष रूप से उपस्थित होकर वनांचल की संस्कृति को  समझा । आस्था समिति से क्षमा कश्यप तीन दिन तक उनके बीच रहकर कार्यक्रम को सफल निभाये। कार्यकर्ता राजेश गोयल कार्यक्रम प्रबंधक, मोनिका बांधेकर,  आरती, ज्योति एवं उमेश वर्मा  वनांचल में प्रतिभागी निभाई।
  कार्यक्रम में विशेष आकर्षण वनोपज, दुर्लभ जड़ी बूटी खाद्य सामग्री पारंपरिक औजार जिसमें चूहा, मछली, चिड़िया फसाने एवं तीर धनुष 150 प्रकार की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ फिफलीपानी बोहिल, झुलनिया एवं आगरपानी के बैगा नृत्य जो कि पारंपरिक वेशभूषा  एवं बीरनमाला स्वागत किया गया । कार्यक्रम के माध्यम से बैगा समाज की समृद्ध संस्कृति को सहेजने एवं आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

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