वनांचल क्षेत्र में गूंजा सीताराम का जयघोष : तरेगांव जंगल में 24 घंटे का ऐतिहासिक श्री सीताराम संकीर्तन रामधुनी झूला सम्पन्न

आशु चंद्रवंशी,बोड़ला। कबीरधाम जिला के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तरेगांव जंगल में हिन्दू संगम आयोजन समिति बोड़ला और क्षेत्रवासियो के द्वारा आयोजित श्री सीताराम संकीर्तन रामधुनी झूला कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर 1 बजे से प्रारंभ हुआ यह 24 घंटे का अखंड रामधुनी संकीर्तन शनिवार को विसर्जन हुआ।
24 घंटे सीताराम नाम से गूंजता रहा वनांचल क्षेत्र
कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ हुआ। जैसे ही रामधुनी झूला चढ़ा, पूरा तरेगांव जंगल क्षेत्र सीता राम के जयघोष से गूंज उठा। 24 घंटे तक एक पल के लिए भी राम नाम का प्रवाह नहीं रुका। देर रात तक श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
24 टोलियों ने लिया हिस्सा, 21 टोलियां जनजाति क्षेत्र से
इस ऐतिहासिक आयोजन में कुल 24 हरिकीर्तन मंडली टोलियों ने हिस्सा लिया। विशेष बात यह रही कि इसमें 21 टोलियां सुदूर वनांचल एवं आदिवासी जनजाति क्षेत्र से पहुंची थीं, जबकि 3 टोलियां मैदानी क्षेत्र से आई थीं। जनजाति समाज की इतनी बड़ी भागीदारी ने इस कार्यक्रम को समरसता का अद्भुत उदाहरण बना दिया।
तरेगांव जंगल के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा आयोजन
यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा। वनांचल क्षेत्र में इस स्तर का पहला रामधुनी आयोजन था, वहीं तरेगांव जंगल ग्राम के इतिहास में भी पहली बार इतना बड़ा धार्मिक आयोजन हुआ। जिसे देखने और सुनने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे।
समस्त टोलियों के लिए भोजन भंडारा और विशेष सम्मान
हिंदू संगम आयोजन समिति एवं समस्त क्षेत्रवासियों तरेगांव जंगल द्वारा सभी के लिए भोजन भंडारा की निःशुल्क व्यवस्था की गई थी।
समापन अवसर पर हिन्दू संगम आयोजन समिति द्वारा सभी 24 टोलियों को 501-501 रूपये नगद, भगवान श्री रामचंद्र जी का तैल चित्र और पवित्र रामचरितमानस ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया।
समरसता और समाज जागरण ही मुख्य उद्देश्य
हिन्दू संगम आयोजन समिति बोड़ला के संयोजक दुर्गेश वर्मा ने बताया कि हमारा यह आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया गया, लेकिन इस वर्ष हमने स्थान में परिवर्तन किया है। पहले यह कार्यक्रम हिन्दू संगम स्थल बोड़ला में होता था, पर इस वर्ष हम इसे वनांचल जनजाति क्षेत्र में लेकर आए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज में समरसता का भाव जागृत करना, समाज जागरण करना और धर्मांतरण जैसी कुरीतियों को रोकते हुए अपनी संस्कृति से जोड़ना है। भगवान राम सबके हैं, वनवासी बंधुओं के हैं। जब जनजाति क्षेत्र में राम नाम गूंजेगा तो समाज स्वतः ही एकजुट होगा। तरेगांव जंगल के ग्रामीणों ने जो सहयोग दिया है, वह अभूतपूर्व है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हिंदू संगम आयोजन समिति परिवार सहित समस्त ग्रामवासी व क्षेत्रवासियों का विशेष आभार व्यक्त किया।



