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शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने स्कूल निर्माण की मांग को लेकर मंत्री के काफिले को रोका

आशु चंद्रवंशी,बड़ेगौटिया/कवर्धा। कबीरधाम जिले में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोहारा के बच्चों और पालकों ने स्कूल निर्माण की मांग को लेकर मंत्री मोहम्मद अकबर के काफी लोगों को रोका। मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत सहसपुर लोहारा के वार्ड-11 बाजार चौक के पास पूर्व माध्यमिक स्कूल है। भवन पुराना होने से छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा था, जिसके चलते यह स्कूल वर्ष 2021-22 यानी 3 साल से बालक प्राथमिक स्कूल में लग रहा है। यहां भी पर्याप्त जगह नहीं है। पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 300 से ज्यादा बच्चे तीन कमरे में बैठकर पढाई करने में मजबूर है पर्याप्त जगह नहीं होने पर भी बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह जमीन पर बैठाया जा रहा है। पूर्व माध्यमिक स्कूल की शिफ्टिंग के चलते व्यवस्था के तौर पर प्राथमिक स्कूल में दो पॉलियों में कक्षाएं लग रही है। सुबह 7 से 11 बजे तक कक्षा पहली से 5वीं तक करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। इसके बाद दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक पूर्व माध्यमिक स्कूल की कक्षा 6वीं से 8वीं तक की कक्षाएं लगती है, जहां बच्चों की संख्या 300 से भी ज्यादा है। यहां समस्या बढ़ती ही जा रही है।


मरम्मत के लिए 7.30 लाख मंजूर, काम शुरू नहीं

पूर्व माध्यमिक स्कूल के शाला प्रबंधन व विकास समिति के अध्यक्ष डाकेश्वर श्रीवास ने बताया कि स्कूल भवन की मरम्मत के लिए 7.30 लाख रुपए स्वीकृत हुआ है। जिस ठेकेदार को काम मिला है उसने अब तक रिपेयरिंग शुरू नहीं किया है। ठेकेदार का कहना है कि जितनी राशि स्वीकृत हुई है उतने में भवन बनाना संभव नहीं है। इधर इन तमाम अव्यवस्था और गतिरोध के बीच काम नहीं होने से परेशानी विद्यार्थियों को हो रही है।

न मंत्री सुन रहे ना अफसर, सिर्फ आश्वासन ही मिला

शाला प्रबंधन व विकास समिति के अध्यक्ष डाकेश्वर श्रीवास बताते हैं कि मिडिल स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। नए स्कूल भवन के लिए पिछले एक साल से कैबिनेट मंत्री, उप-मुख्यमंत्री, कलेक्टर, डीईओ को पालकों के साथ जाकर ज्ञापन दिया गया लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। बारिश होने पर प्राथमिक स्कूल भवन में भी छत से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसकी वजह से बच्चे परेशान हैं। इधर पालकों ने भी कहा है कि स्कूल में व्याप्त समस्याएं दूर की जाए।

बच्चों और पालकों की भीड़ और नारेबाजी को देखते हुए आनन फानन में मंत्री ने अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए है,अब देखना यह होगा कि बच्चों के लिए स्कूल बनता है की नहीं।

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