कवर्धा में तेंदुए की दहशत पर वन विभाग सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी FIR : कवर्धा में तेंदुआ दिखने की खबरों के बीच वन विभाग ने मोर्चा संभाला, एआई से बने फर्जी वीडियो-फोटो शेयर करने वालों को चेतावनी

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा। शहर और आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले करीब दो सप्ताह से तेंदुआ दिखाई देने की लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद वन विभाग ने व्यापक स्तर पर निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में एआई से बने भ्रामक फोटो-वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग को मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न समाचार पत्रों, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं मिल रही थीं। सूचना पर विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है।
वन विभाग का गश्ती अभियान लगातार जारी
विभाग द्वारा परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा और परिक्षेत्र अधिकारी भोरमदेव अभयारण्य कवर्धा के नेतृत्व में विशेष गश्ती दल गठित किया गया है। यह दल पिछले दो सप्ताह से प्रतिदिन सुबह 4 बजे से 8 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक शिक्षक कॉलोनी, राजमहल, समनापुर रोड, खूंटू रोड, साधना नगर, लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर में लगातार गश्त कर रहा है।
ड्रोन और थर्मल कैमरे से हो रही निगरानी
वन विभाग ने निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। दिन में सामान्य ड्रोन और रात में थर्मल ड्रोन की मदद से पूरे संवेदनशील क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है ताकि तेंदुए की सही लोकेशन का पता लगाया जा सके।
एक्सपर्ट टीम ने बिछाया जाल, पिंजरे में रखी गई बकरियां
तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए कानन पेंडारी बिलासपुर और जंगल सफारी रायपुर से वन्यजीव विशेषज्ञों को बुलाया गया है। विशेषज्ञों की देखरेख में लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर में पिंजरे लगाए गए हैं और उसके अंदर बकरी रखी गई है।
फर्जी फोटो-वीडियो फैलाने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ लोगों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया पर तेंदुआ दिखने की असत्य और अपुष्ट सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। साथ ही एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाए गए भ्रामक फोटो और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है और रेस्क्यू कार्य में बाधा आ रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री बनाने, प्रसारित करने या फॉरवर्ड करने वालों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई होगी। इन पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 353, धारा 336, धारा 221 और 223 के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत एफआईआर दर्ज कर साइबर सेल और पुलिस के सहयोग से जांच की जाएगी।
आम लोगों से विभाग ने की ये अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के कोई भी फोटो, वीडियो या संदेश शेयर न करें। तेंदुआ दिखने पर उसके पास जाने, पीछा करने या भीड़ लगाने से बचें। रात और सुबह अकेले बाहर न निकलें, बच्चों और पालतू जानवरों का विशेष ध्यान रखें और सूचना सीधे वन विभाग को दें।
संपर्क के लिए परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा और भोरमदेव अभयारण्य के मोबाइल नंबर 9981426667, 7000030662 जारी किए गए हैं।



