केवराई यादव समाज की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक 16 मार्च से, संगठन की मजबूती पर होगा मंथन : ग्राम घोघरा में 30 मार्च से शुरू होगी श्रीमद् भागवत महापुराण कथा, समाज उठाएगा आयोजन का बीड़ा

आशु चंद्रवंशी, कवर्धा। छत्तीसगढ़ में निवासरत केवराई यादव समाज की एक महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक आगामी 16 और 17 मार्च को बोड़ला स्थित हिंदू संगम कार्यालय में आयोजित की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक मंथन में प्रदेश के समस्त जिलों की कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रांतीय स्तर पर संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा समाज के उत्थान के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करना है।
तैयारियों का लिया गया जायजा
बैठक के सफल आयोजन को लेकर समाज के पदाधिकारियों ने कमर कस ली है। आयोजन स्थल की पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए कवर्धा राज के प्रमुख गोरे यादव के नेतृत्व में एक दल ने निरीक्षण किया। इस दौरान मोतीराम, संतराम, निहाली राम, खेलन राम, पालेश यादव, धन्नूराम, कमलेश यादव और रतिराम यादव सहित समाज के अनेक सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने बैठक की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि दूर-दराज से आने वाले स्वजातीय बंधुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक आयोजनों से बढ़ेगी सामाजिक एकजुटता
समाज के प्रतिनिधि भुवन यादव ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि केवराई यादव समाज न केवल संगठनात्मक बल्कि धार्मिक कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में आगामी 30 मार्च से विकासखंड पंडरिया के ग्राम घोघरा में भव्य श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन समाज के नेतृत्व में संपन्न होने जा रहा है। इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान की सफलता के लिए अब तक दो चरणों की बैठकें पूर्ण की जा चुकी हैं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विभिन्न गतिविधियों पर होगी समाज की रणनीति
भुवन यादव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यादव समाज अपने क्षेत्र में निरंतर सामाजिक, धार्मिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां संचालित करता रहता है। हालांकि, उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में कई बार ये महत्वपूर्ण कार्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाते। इस प्रांतीय बैठक में प्रचार तंत्र को मजबूत करने और सामाजिक गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी।दो दिवसीय इस बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने जैसे विषयों पर भी गहन मंथन होने की उम्मीद है।



