नारी शक्ति वंदन अधिनियम से खुलेगा सशक्त नेतृत्व का मार्ग : मोहन चंद्रवंशी

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा। भाजयुमो नेता मोहन चंद्रवंशी ने केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल एक विधायी सुधार नहीं है, बल्कि देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के सम्मान और उनके सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है।
विकास में महिलाओं की भागीदारी होगी सुनिश्चित
अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री चंद्रवंशी ने कहा कि राज्य विधानमंडलों और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होने से ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब निर्णय लेने वाली संस्थाओं में माताओं और बहनों की सीधी भागीदारी होगी, तो नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी।
महिला नेतृत्व को आगे आने का अब मिलेगा अवसर
छत्तीसगढ़ राज्य और विशेषकर कबीरधाम जिले के संदर्भ में चर्चा करते हुए मोहन चंद्रवंशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में नारी शक्ति का हमेशा से ऊंचा स्थान रहा है। कबीरधाम जिले की प्रतिभावान महिलाएं अब राजनीति के मुख्य पटल पर अपनी उपस्थिति और मजबूती से दर्ज करा सकेंगी। इस कानून के लागू होने से हमारे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की सक्रिय महिला नेतृत्व को आगे आने का अवसर मिलेगा, जिससे जिला और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
ऐतिहासिक निर्णय के लिए जताया आभार
श्री चंद्रवंशी ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को उनका वाजिब हक देकर यह सिद्ध कर दिया है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर ‘नारी शक्ति वंदन’ तक, सरकार की प्राथमिकता हमेशा महिला सशक्तिकरण रही है। इस निर्णय से जिले भर के कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति में हर्ष का माहौल है।



