भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर संविधान और कर्तव्यों पर हुई सार्थक चर्चा- दौलतराम कश्यप

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा। आस्था समिति, कवर्धा द्वारा ऊर्जा पार्क स्थित कार्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्था प्रमुख दौलत राम कश्यप ने बाबा साहब के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संस्था प्रमुख श्री कश्यप ने अपने संबोधन में बाबा साहब के जीवन एवं उनके द्वारा भारतीय संविधान निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को विस्तार से स्मरण किया। उन्होंने बताया कि बाबा साहब को संविधान निर्माता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिनों के अथक परिश्रम से देश का संविधान तैयार किया। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब का जीवन समाज सेवा, सामाजिक परिवर्तन एवं अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए समर्पित रहा है। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। हमें उनके आदर्शों पर चलते हुए संविधान एवं नियमों का पालन करना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों द्वारा संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। श्री कश्यप ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में बाबा साहब के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर राजेश कुमार गोयल, राजेंद्र जांगड़े, यामिनी गंधर्व, सरोजनी उइके, लक्ष्मी गंधर्व, आरती, स्वाति, ज्योति कश्यप, रविता ठाकुर, ज्योति ठाकुर, राकेश एवं मोनिका सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



