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युवा सम्मेलन में गरजे पंडित युवराज पांडे: हिंदू संगम में एकजुटता का किया आह्वान युवाओं में भरा जोश, बोड़ला में उमड़ा युवा शक्ति का सैलाब : धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए हजारों नौजवानों ने भरी हुंकार

आशु चंद्रवंशी,बोड़ला/कबीरधाम। धर्मनगरी बोड़ला की पावन धरा पर आयोजित 6 दिवसीय हिंदू संगम के पांचवें दिन शनिवार को युवा शक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। 17 जनवरी को आयोजित इस युवा सम्मेलन ने भव्यता के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। नगर की सड़कों से लेकर कार्यक्रम स्थल तक भगवा ध्वज और जय श्रीराम के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और शहरों से आए हजारों युवाओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि युवा अब राष्ट्र और धर्म के लिए आगे बढ़ रहे हैं। युवा सम्मेलन में मुख्य रूप से पंडित युवराज पांडे, रवीन्द्र जोशी, विकासानंद गिरी महराज,पूर्व सांसद अभिषेक सिंह,चंद्रशेखर वर्मा सहित सनातनी बंधु और हजारों की संख्या में युवा उपस्थित रहे।

युवा ही राष्ट्र निर्माण के असली सूत्रधार : चंद्रशेखर वर्मा

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए चंद्रशेखर वर्मा ने हिंदू संगम आयोजन के उद्देश्यों और इसकी विस्तृत रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मूल लक्ष्य समाज को अपनी जड़ों से जोड़ना और सांस्कृतिक गौरव को वापस लाना है। वर्मा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, धर्म और राष्ट्र का निर्माण एक-दूसरे के पूरक हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग समाज को संगठित करने और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए करना चाहिए।

हिंदू राष्ट्र के संकल्प पर बोले पूर्व सांसद अभिषेक सिंह

पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने अपने संबोधन में हिंदू राष्ट्र के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करें। सिंह ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि वैचारिक और आध्यात्मिक है, जिसमें सबका हित समाहित है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया और उन्हें एकजुट होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी : रविंद्र जोशी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रविंद्र जोशी (अखिल भारतीय संयोजक, कुटुंब प्रबोधन, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) ने युवाओं को संबोधित करते हुए रामचरित मानस के एक प्रसंग और विभिन्न कहानी के माध्यम से धर्म के प्रति जागरूक किया,स्वामी विवेकानंद के जीवन में घटित कहानी को बताया। युवाओं को गौ माता के सेवा और सुरक्षा हेतु आगे आने कहा।युवाओं को परिवार और संस्कारों की महत्ता समझाई। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा, युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के रक्षक भी हैं। यदि युवा अपने परिवार और अपनी संस्कृति से विमुख होगा, तो राष्ट्र कमजोर होगा। हमें अपने भीतर राष्ट्रवाद की ज्वाला को जलाए रखना है।युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली पूंजी है। यदि हमारा युवा संस्कारवान और परिवार से जुड़ा होगा, तो भारत को पुनः विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। हमें पाश्चात्य संस्कृति के बजाय अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा।

मुख्य अतिथि कथा वाचक पंडित युवराज पांडे ने भरा जोश

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित युवराज पांडे ने सर्व प्रथम शंखनाद करते हुए मंत्रोच्चार करने के पश्चात गर्म जोशी के साथ जयघोष किया,सभा को प्रणाम करते हुए कहा कि भारत बुद्ध और युद्ध का देश है, उन्होंने धर्म और राष्ट्र के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान होना चाहिए दोनों ही जीवन का आधार है। रामचरित मानस में जीवन का सार है, समरसता का भाव और संदेश है। राष्ट्र का मंगल करे वह राम है। भागवत के विभिन्न श्लोकों के माध्यम से भगवान कृष्ण के उपदेशों का वर्णन किया। भारत देश की आजादी के लिए शहीद हुए वीर शहीदों के बारे में बताया। राष्ट्र प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं है।सुप्रसिद्ध कथावाचक युवराज पांडे ने अपनी ओजस्वी वाणी से युवाओं में राष्ट्र प्रेम का संचार किया। उन्होंने कथा के माध्यम से धर्म और राष्ट्र रक्षा के महत्व को समझाया। पंडित जी ने सभी से अनुरोध करते हुए वृक्ष लगाने और माता पिता का सम्मान देने के लिए कहा। उन्होंने सभी को नशा छोड़ने को कहा। नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा न केवल शरीर को, बल्कि समाज और धर्म की जड़ों को भी खोखला करता है। उन्होंने युवाओं को समाज के प्रति सक्रिय होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की मजबूती के लिए युवाओं को एकजुट होकर कार्य करना होगा।

सम्मान पाकर गौरवान्वित हुए युवा

भेंट की गई रामायण और दंड सम्मेलन का सबसे भावनात्मक क्षण वह था जब उपस्थित हजारों युवाओं का अभिनंदन किया गया। हिंदू संगम समिति द्वारा प्रत्येक युवा को प्रभु श्री रामचंद्र जी का चित्र: आदर्श जीवन की प्रेरणा हेतु।पवित्र रामायण पुस्तक: धर्म और मर्यादा के ज्ञान हेतु। दंड और श्रीफल: अनुशासन और सामर्थ्य के प्रतीक स्वरूप भेंट किया गया

युवाओं की आवाज: यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, संकल्प है

कार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं में राष्ट्र प्रेम और संस्कृति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई दी। अलग अलग क्षेत्रों से आए युवाओं के दल ने कहा, आज हमें अपनी ताकत और जिम्मेदारी का अहसास हुआ है। हम शपथ लेते हैं कि हम अपने गांवों को नशा मुक्त बनाएंगे और हिंदू समाज की एकता के लिए कार्य करेंगे।युवाओं के चेहरे पर चमक और उत्साह यह बताने के लिए काफी था कि यह संगम उनके जीवन में वैचारिक परिवर्तन लेकर आया है।

भंडारे में प्रतिदिन उमड़ रही भीड़

प्रतिदिन की भांति बोड़ला में विशाल भंडारे का आयोजन निरंतर जारी रहा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति के संयोजक दुर्गेश वर्मा ने बताया कि भीड़ को देखते हुए भोजन और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

कल होगा समापन: मौनी अमावस्या पर जुटेगा हिंदू समाज का जनसैलाब

6 दिवसीय महोत्सव का समापन कल 18 जनवरी, मौनी अमावस्या को होगा। अंतिम दिन आयोजित होने वाले विशाल हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस महा-संगम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते करेंगे। हिंदू संगम बोड़ला समिति ने समस्त हिंदू समाज से इस ऐतिहासिक धर्मसभा में शामिल होने की अपील की है।

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