छत्तीसगढ़ सहकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष के गिरफ्तारी के विरोध में जन आक्रोश रैली जेल भरो आंदोलन

आशु चंद्रवंशी, कवर्धा। पूरे प्रदेश भर में छत्तीसगढ़ सहकारी कर्मचारी महासंघ तथा छत्तीसगढ़ कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के संयुक्त तत्वाधान में 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन अपने चार सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है जो कि एक प्रकार से समिति बचाओ आंदोलन रहा है। विगत 18 सालों से समितियों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर का वेतन 12 माह से 6 माह कर दिया गया है तथा धान खरीदी में होने वाली संपूर्ण सुखत को मान्य सुखद घोषित न करते हुए सोसाइटी के माथे मढ़ दिया जाता है जिससे समिति को मिलने वाला कमीशन कट जाता है जिससे प्रदेश भर के हजारों कर्मचारियों को कई माह का वेतन नहीं मिल पाता। जिसके निराकरण के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है परंतु सरकार द्वारा अपने दमनकारी नीति का प्रयोग करते हुए एस्मा लागू करके सरकारी कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर के मूलभूत मांगों को अस्वीकार करते हुए दमनात्मक रवैया से आंदोलन को कुचलने के लिए प्रयास किया जा रहा है और ट्रांसफर तथा कार्य मुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है।इसी तारतम में दिनांक 18 तारीख की मध्य रात्रि को बिना पूर्व सूचना के ही प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार करके कुरूद थाना ले जाया गया तथा येसमा कानून के तहत फिर करते हुए प्रताड़ित किया जा रहा है जो एक प्रकार से पूरे छत्तीसगढ़ में कार्यरत कर्मचारियों की आवाज को दबाने की प्रक्रिया है । इसके विरोध स्वरूप पूरे प्रदेश संगठन से सभी कर्मचारी इस जन आक्रोश रेली जेल भरो आंदोलन का हिस्सा होंगे।



