रैतापारा के सात्वत चंद्रवंशी ने फहराया नवोदय परीक्षा में सफलता का परचम,ग्रामीण बच्चों के लिए बने प्रेरणा; बड़ी बहन के साथ अब जवाहर नवोदय विद्यालय में करेंगे पढ़ाई

आशु चंद्रवंशी, कवर्धा। बड़े सपने और उन्हें साकार करने के दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी रैतापारा (पंडरिया) से सामने आई है। यहाँ के प्रतिभाशाली छात्र सात्वत चंद्रवंशी ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026-27 में शानदार सफलता हासिल की है। सात्वत की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे कवर्धा जिले का नाम रोशन किया है।
संस्कारों से मिली सफलता की नींव
सात्वत एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। उनके पिता भूधर चंद्रवंशी और माता श्रीमती सीता चंद्रवंशी दोनों ही पेशे से शिक्षक हैं। सात्वत की इस सफलता में उनके माता-पिता की निरंतर प्रेरणा, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही है।
एक ही संस्थान में पढ़ेंगे भाई-बहन
इस सफलता का सबसे सुखद पहलू यह है कि सात्वत अब अपनी बड़ी बहन देवश्री चंद्रवंशी के साथ एक ही संस्थान में शिक्षा ग्रहण करेंगे। देवश्री पहले से ही जवाहर नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों का इस प्रतिष्ठित विद्यालय के लिए चयन होना पूरे क्षेत्र में चर्चा और गर्व का विषय बना हुआ है।
निशुल्क कोचिंग का मिला सहारा
सात्वत की सफलता के पीछे खैरागढ़ के प्रसिद्ध शिक्षाविद और मार्गदर्शक गुणाराम चंदेल का विशेष योगदान रहा। चंदेल द्वारा संचालित निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस वर्ष उनके मार्गदर्शन में सात्वत सहित छत्तीसगढ़ के कुल 130 बच्चों ने नवोदय परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
“ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और अवसर की तलाश होती है। सात्वत जैसे बच्चों की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी।” — ग्रामीण जन
सात्वत की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।



