सनातन के ध्वजवाहकों का महाकुंभ: बोड़ला में जुटे मंदिर अर्चक पुरोहित, पंथ प्रमुख गुरु एवं कथा वाचको का हुआ भव्य अभिनंदन

बोड़ला हिंदू संगम के चौथे दिन संतों का समागम: श्रीफल, रामायण और दंड भेंट कर मंदिर अर्चकों का हुआ सम्मान
बोड़ला/कबीरधाम। आस्था और राष्ट्रवाद के संगम स्थल बोड़ला में आयोजित 6 दिवसीय हिंदू संगम महोत्सव के चौथे दिन आज अध्यात्म की अविरल धारा बही। कार्यक्रम के चौथे चरण में ‘मंदिर अर्चक पुरोहित, पंथ प्रमुख एवं कथा वाचक सम्मेलन’ का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिलेभर के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आए सैकड़ों पुजारी, ज्योतिषाचार्य और संतों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पुजारी समाज की रीढ़, संस्कृति के रक्षक: अरुण नेटके
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अरुण नेटके (अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, मंदिर अर्चक पुरोहित आयाम विश्व हिंदू परिषद) ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंदिरों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मंदिर केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को संस्कारित करने वाली पाठशालाएं हैं। पुजारी और पुरोहित हमारी गौरवशाली सनातनी परंपरा के ध्वजवाहक हैं। आज के दौर में मंदिर अर्चकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे समाज को संगठित करें और युवा पीढ़ी को धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें।
धर्म की रक्षा ही राष्ट्र की रक्षा: राजकुमार चंद्रा
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राजकुमार चंद्रा (प्रांत संयोजक, धर्म जागरण) ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों के केंद्र हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर अर्चक और पुरोहित समाज के सच्चे मार्गदर्शक हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी सनातन परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करना चाहिए।
भक्तिमय वातावरण में हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान आयोजन समिति द्वारा पधारे हुए सभी संतों, कथा वाचकों और पंथ प्रमुखों का विशेष अभिनंदन किया गया। सभी सम्मानित जनों को भगवान श्री रामचंद्र जी का चित्र, रामायण पुस्तक, दंड, शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया। मंच पर संतों की उपस्थिति और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सम्मान पाकर भावुक हुए संत और पुरोहित
हिंदू संगम बोड़ला में आयोजित सम्मान समारोह को लेकर स्थानीय पुजारियों और पुरोहितों में गहरा संतोष और उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में शामिल हुए पुजारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अक्सर ग्रामीण अंचलों में निस्वार्थ सेवा करने वाले अर्चकों को वह पहचान नहीं मिल पाती, जिसके वे हकदार हैं। हिंदू संगम के मंच पर मिले इस मान-सम्मान ने उनके भीतर धर्म सेवा के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने इसे सनातन समाज की एकजुटता का एक बड़ा प्रतीक बताया।
अध्यात्म की बही अविरल धारा
महोत्सव के चौथे दिन पूरा बोड़ला क्षेत्र ‘जय श्री राम’ के नारों से गुंजायमान रहा। अलग-अलग पंथों के प्रमुखों और कथा वाचकों ने अपने प्रवचनों के माध्यम से सामाजिक समरसता और सनातन धर्म के मूल्यों पर प्रकाश डाला। इस सम्मेलन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि हिंदू समाज की एकता का भी संदेश दिया।
हिंदू संगम के इस मंच पर उमड़ी भीड़ और संतों का उत्साह यह दर्शा रहा है कि कबीरधाम जिले में सांस्कृतिक पुनरुत्थान की एक नई लहर दौड़ रही है। हिंदू संगम बोड़ला के चौथे दिन यज्ञ दर्शन हेतु राजनांदगांव लोकसभा के सांसद संतोष पांडे भी पहुंचे थे।कार्यक्रम में चंद्रशेखर वर्मा,राधेश्याम चंद्रवंशी, विशेषर पटेल, सुरेश चंद्रवंशी, विजय पाटिल,दुर्गेश वर्मा,स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में सनातनी बंधु उपस्थित रहे।
कल युवाओं की बारी, जुटेगा नौजवानों का सैलाब
महोत्सव के पांचवें दिन, यानी 17 जनवरी को युवा सम्मेलन का भव्य आयोजन होगा। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर सिदार उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग हजारों की संख्या में युवाओं के जुटने की संभावना है, जिन्हें नशा मुक्ति और समाज सेवा के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही सुप्रसिद्ध कथावाचक युवराज पांडे के भजनों और प्रवचनों की अमृत वर्षा होगी। मुख्य वक्ता रविंद्र जोशी अखिल भारतीय संयोजक कुटुंब प्रबोधन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागपुर का मार्गदर्शन मिलेगा।



