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एकलव्य गुरुकुल पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव की रही धूम, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

आशु चंद्रवंशी,कवर्धा।  कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम नेउरगांव खुर्द स्थित एकलव्य गुरुकुल पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित हजारों दर्शकों और अभिभावकों का मन मोह लिया।इस समारोह ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि आधुनिकता और भारतीय परंपरा के मेल की एक नई मिसाल पेश की। रंग-बिरंगी रोशनी और बच्चों के उत्साह ने विद्यालय प्रांगण की धरती को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। नन्हे बच्चों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अश्वनी कोसरे प्राचार्य शासकीय उ.मा. विद्यालय कुसुमघटा एवं नोडल अधिकारी रहे। अध्यक्षता संकुल समन्वयक छलीराम वर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवनारायण यादव डायरेक्टर सीपीएस पोड़ी, आशु चंद्रवंशी सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार, गंगाराम साहू, सरपंच नेमसिंह धुर्वे, उपसरपंच कुलदीप चंद्रवंशी, विद्यालय के डायरेक्टर दिनेश साहू, लालाराम साहू, कोटवार आकाश मानिकपुरी एवं युवा मुट्ठी संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद चंद्रवंशी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के डायरेक्टर दिनेश साहू ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शिक्षकों की कड़ी मेहनत और अभिभावकों के अटूट विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया।

अतिथियों ने दिया सफलता का मंत्र : संस्कार ही जीवन का आधार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अश्वनी कोसरे ने अभिभावकों को सजग करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखें।आज के दौर में मोबाइल बच्चों के भविष्य का सबसे बड़ा शत्रु बनता जा रहा है। बच्चों को गैजेट्स से दूर कर किताबों और मैदानों से जोड़ें। उन्होंने संस्कार युक्त शिक्षा पर जोर देते हुए विद्यालय की प्रबंधन व्यवस्था की सराहना की।छलीराम वर्मा ने आधुनिक युग की विसंगतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे ये बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधक बन रही हैं।आशु चंद्रवंशी ने विद्यालय के नाम की सार्थकता पर चर्चा करते हुए एकलव्य और द्रोणाचार्य की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, यह विद्यालय आधुनिक शिक्षा और गुरुकुल की गौरवशाली परंपरा का अद्भुत संगम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के सपनों को पंख दें और शिक्षकों के साथ मिलकर उनके भविष्य को आकार दें।चैतन्य स्कूल पोड़ी के डायरेक्टर शिवनारायण यादव ने भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया और बच्चों के सर्वांगीण विकास में आने वाली बाधाओं और उनके निवारण पर बात रखी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

वार्षिक उत्सव में बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। आकर्षक वेशभूषा और बेहतरीन कला प्रदर्शन ने समां बांध दिया।कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, देशभक्ति गीत की ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी। आकर्षक वेशभूषा और बच्चों के आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा केवल शहरों तक सीमित नहीं है।शैक्षणिक सत्र में अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। अभिभावकों की भारी उपस्थिति और उनके उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी।

बच्चों की प्रतिभा देख अभिभावकों की आंखें गर्व से भर आईं, उन्होंने विद्यालय के अनुशासन और शैक्षणिक माहौल की सराहना की। वही पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक अशोक वर्मा ने किया। सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाले श्री वर्मा ने अपने प्रभावी और ओजस्वी व्यक्तित्व से मंच संचालन कर सबका दिल जीत लिया। कार्यक्रम में अभिभावक, क्षेत्र और दूर दराज से आए हुए दर्शक,विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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