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पंडरिया विधायक दीदी भावना बोहरा की छवि को धूमिल करने का रचा गया षड़यंत्र : कुलदीप चंद्रवंशी

आशु चंद्रवंशी,बड़ेगौटिया/कवर्धा। हवन करते अगर किसी का हांथ जल जाए तो यह कहना की भगवान नखुश है ये गलत है। इसके कई और कारण भी हो सकते है। हो तो ये भी सकता है कि किसी ने हवन करने वाले के हांथों को जलाने की साजिश अथवा षणयंत्र रचा हो। जिले के विकासखण्ड पंडरिया के ग्राम सेमरहा में सड़क हादसे में दिवंगत हुए 19 ग्रामीणों के गत 30 मई को आयोजित सामूहिक दशगात्र कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती भावना बोहरा द्वारा निःस्वार्थ भाव से तन, मन और धन के साथ किए गए सेवा कार्य के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उक्त बातें बोड़ला ब्लॉक के भाजयुमो नेता कुलदीप चंद्रवंशी ने जारी बयान में कहीं। उन्होने कहा कि 30 मई को ग्राम सेमरहा में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में कुछ ऐसे लोग सक्रिय थे जो ये मानसिकता ही बनाकर आए थे कि उन्हें कार्यक्रम में अव्यवस्था फैलानी हैं और फिर इस अव्यवस्था के लिए क्षेत्रीय विधायक को जिम्मेदार ठहराते हुए आदिवासी समाज तथा क्षेत्र की जनता के सामने उनकी छबि को धूमिल करना है।

श्री चंद्रवंशी ने कहा कि श्रीमती भावना बोहरा पंडरिया क्षेत्र की एक लोकप्रिय विधायक हैं जिन्होने हमेशा क्षेत्र के बैगा आदिवासियों, महिलाओं, बालिकाओं, गरीबों तथा किसानो की चिंता की है और विषम परिस्थितियों में उनके साथ हर सहयोग के लिए खड़ी रही हैं। उनके इस सहयोगात्मक व्यवहार के पहले भी कई उदाहरण हमारे सामने हैं और ताजा उदाहरण बीते दिनो विकासखण्ड पंडरिया के ग्राम बाहपानी सड़क हादसे में देखने को मिला।

कुलदीप चंद्रवंशी ने कहा कि पंडरिया विधायक भावना बोहरा को इस हृदय विदारक घटना की जानकारी मिलने के साथ ही वे पीडित परिवारों के हर संभव सहयोग के लिए सक्रिय हो गई थी। घटना के वक्त वे अपने विधानसभा मुख्यालय पंडरिया में नहीं थी उसके बावजूद उन्होने हर संभव मदद घटना स्थल से लेकर मृतक के घरों और परिजनो तक पहुंचाने का कार्य किया और जैसे ही वे बाहर से वापस पंडरिया लौटी उन्होने सबसे पहले ग्राम सेमरहा पहुंचकर पीडित परिवारों की सुध ली और उन्हें इस दुख की घड़ी में तात्काल आर्थिक मदद से लेकर हर जरूरी मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। वहीं उन्होने अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी और दायित्वों का

पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वाहन करते हुए दिवंगत लोगों के आश्रित परिवार के 24 बच्चों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई लिखाई और शादी विवाह तक की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होने दिवंगतों के कर्मकाण्ड के लिए परिजनो को प्रयागराज भेजने से लेकर उनके दशगात्र कार्यक्रम को सम्पन्न कराने का बीड़ा उठाया ताकि पीडित परिवार और समाज के लोगों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न आए। उन्होने अपनी टीम के साथ इस सामाजिक कार्य को पूरी व्यवस्था के साथ सम्पन्न कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

श्री चंद्रवंशी ने कहा की विधायक भावना बोहरा के पीडित परिवार के प्रति इस निःस्वार्थ सेवा भाव को देखकर समाज के लोगों ने भी उनकी जमकर प्रशंसा की। लेकिन कुछ लोगों को क्षेत्र की जनता के प्रति विधायक का यह समर्पण भाव और जनता का विधायक के प्रति यह लगाव पच नहीं पाया और उन्होने दिवंगत 19 बैगाओं के दशगात्र जैसे शोकमय कार्यक्रम को भी अपनी ओछी राजनीति के लिए उपयोग कर लिया। जिसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।

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